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CBI की सुप्रीम कोर्ट में याचिका, एयरटेल और वोडाफोन पर जरूरी सूचना ना देने का लगाया आरोप

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नई दिल्ली। सारधा चिटफंड घोटाले की जांच कर रही सीबीआइ ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल कर फोन सेवाप्रदाता कंपनियों एयरटेल और वोडाफोन पर जरूरी सूचना उपलब्ध न कराने का आरोप लगाया है। एजेंसी ने कोर्ट से दोनों कंपनियों को जरूरी सूचना उपलब्ध कराने का आदेश देने की मांग की है।

सारधा घोटाले में सीबीआइ ने पहले ही सुप्रीम कोर्ट में पश्चिम बंगाल के वरिष्ठ अधिकारियों और कोलकाता के पूर्व पुलिस आयुक्त राजीव कुमार पर जांच में सहयोग न करने और साक्ष्यों से छेड़छाड़ करने का आरोप लगाते हुए अवमानना याचिका दाखिल कर रखी है। इतना ही नहीं गत मंगलवार को सीबीआइ की ओर से राजीव कुमार से की गई पूछताछ के बारे में दाखिल स्टेटस रिपोर्ट देखने के बाद कोर्ट ने टिप्पणी की थी कि बहुत गंभीर तथ्य सामने आए हैं।

कोर्ट ने सीबीआइ को 10 दिनों के भीतर अर्जी दाखिल कर राजीव कुमार के खिलाफ उचित आदेश मांगने की छूट दी थी। सीबीआइ ने राजीव कुमार पर आरोप लगाया है कि उन्होंने फोन सेवाप्रदाता कंपनियों से प्राप्त साक्ष्यों से छेड़छाड़ की है और सीबीआइ को अपूर्ण साक्ष्य दिए हैं। इन चीजों को देखते हुए सीबीआइ की ओर से एयरटेल और वोडाफोन के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई यह नई अर्जी महत्वपूर्ण हो जाती है।

सीबीआइ ने कहा है कि पश्चिम बंगाल पुलिस ने उसे सीमित दस्तावेज (सीडीआर) उपलब्ध कराए हैं। सीबीआइ ने उन फोन नंबरों का भी ब्योरा दिया है जिनके सीमित सीडीआर उपलब्ध कराए गए हैं। एजेंसी का कहना है कि उसने एयरटेल और वोडाफोन को जुलाई 2012 में पत्र भेज कर पूरा ब्योरा मांगा था। एजेंसी ने सेवाप्रदाता कंपनियों से 2012-2013 का पूरा ब्योरा उपलब्ध कराने के साथ ही यह भी बताने के लिए कहा था कि पश्चिम बंगाल पुलिस ने उससे किस अवधि की सीडीआर मांगी थी और उसने किस अवधि की सीडीआर पश्चिम बंगाल पुलिस को उपलब्ध कराई थी।

एजेंसी का कहना है कि पहले तो सेवाप्रदाता कंपनियों ने कहा कि वह दूरसंचार विभाग व गृह मंत्रालय की अनुमति के बगैर ब्योरा नहीं दे सकते। जब सरकार के दोनों विभागों ने भी कंपनियों को ब्योरा देने का आदेश दे दिया फिर भी एयरटेल और वोडाफोन ने आज तक ब्योरा उपलब्ध नहीं कराया है। सीबीआइ ने कोर्ट से कहा है कि पश्चिम बंगाल पुलिस अधिकारियों के खिलाफ दाखिल अवमानना याचिका और कोर्ट के आदेश की अवहेलना के आरोपों की सुनवाई के लिए यह ब्योरा बहुत महत्वपूर्ण है।

जांच एजेंसी ने कोर्ट से भारती एयरटेल और वोडाफोन को मांगी गई जानकारी मुहैया कराने का आदेश देने का अनुरोध किया है। इसके साथ ही पश्चिम बंगाल पुलिस द्वारा अर्जी में दिए गए फोन नंबरों के बारे में मांगी गई सूचना की सारी प्राप्तियों की सत्यापित प्रति उपलब्ध कराए और यह भी बताए कि सेवाप्रदाता कंपनियों ने पश्चिम बंगाल पुलिस को किस ईमेल पर संबंधित सीडीआर का ब्योरा भेजा था।

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