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भीख मांगने वाले बच्चें अब पहुंचने लगे हैं स्कूल

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रायसेन 22 अक्टूबर 2019
बाल कल्याण समिति एवं महिला बाल विकास विभाग के संयुक्त प्रयास अब रंग लाने लगे हैं। भीख मांग रहे बच्चों की काउंसलिंग के बाद अब उनकी संख्या धीरे-धीरे घट रही है। इतना ही नहीं यह बच्चे अब भीख मांगना छोड़कर नियमित स्कूल भी पहुंच रहे हैं। ज्ञात हो कि राष्ट्रीय बाल आयोग अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो के आदेश पर कलेक्टर के निर्देशन में एक टीम का गठन किया गया था। इस छह सदस्यीय टीम में बाल कल्याण समिति, बाल संरक्षण अधिकारी, विशेष पुलिस इकाई एवं चाइल्डलाइन के अधिकारियों को शामिल किया गया है। यह टीम जिले में भीख मांगने वाले बच्चों पर सतत् नजर रखे हुए है। गत मंगलवार को टीम छींद मंदिर पहुंची थी, जहां 58 बच्चे भीख मांगते पाए गए थे।
टीम के सदस्यों ने इन बच्चों के परिजनों को बुलाकर उनकी काउंसलिंग की तथा बच्चों को स्कूल भेजने हेतु प्रेरित किया। परिणाम यह हुआ कि इस मंगलवार भीख मांगने वाले बच्चों में अपेक्षा से भी अधिक कमी आई। मंगलवार को छींद मंदिर पर 6 बच्चे भीख मांगते पाए गए। टीम ने इन बच्चों की दोबारा काउंसलिंग की तथा परिजनों को समझाइश दी कि वे बच्चों को स्कूल भेजें। बरेली टीआई श्री मुकाति ने बच्चों के परिजनों से कहा कि यदि दोबारा बच्चे भीखे मांगते पाए गए तो परिजनों पर कार्रवाई की जाएगी। इस मौके पर बाल कल्याण समिति अध्यक्ष संदीप दुबे, सदस्य डॉ. एचबी सिंह, टीआई श्री मुकाती, बाल संरक्षण अधिकारी दिनेश मालवीय, मंदिर समिति अध्यक्ष लक्ष्मीनारायण शर्मा, सामाजिक कार्यकर्ता कल्पना दुबे, चाइल्डलाइन कोर्डीनेटर, विनोद तूल आदि मौजूद रहे।

मुहिम चलाकर की जाएगी कार्रवाई

बाल कल्याण समिति अध्यक्ष संदीप दुबे ने बताया कि भीख मांगने वाले बच्चों को समाज की मुख्य धारा में जोडऩे टीम लगातार प्रयास कर रही। पूरे जिले में ऐसे बच्चों की खोज कर उनकी काउंसलिंग की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि परिजन अपने बच्चों से भीख न मंगवाएं, उन्हें स्कूल भेजने की व्यवस्था करें, यदि बच्चे भीख मांगते पाए जाते हैं तो उनके परिजनों पर कार्रवाई की जाएगी।

नोशे खां की रिपोर्ट 

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